सिंधु दर्शन योजना
Sindhu Darshan Yojana (Pilgrimage Grant)
लेह-लद्दाख में होने वाले "सिंधु दर्शन महोत्सव" में जाने वाले श्रद्धालुओं को मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से ₹25,000 की नकद सहायता।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।

योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
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आवेदन से जुड़े गाइड
सिंधु दर्शन योजना का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
सिंधु नदी (Indus River) हमारे देश की एक बहुत पवित्र और ऐतिहासिक नदी है। इसी नदी के नाम पर हमारे देश का नाम भारत (India/Hindustan) पड़ा है। हर साल जम्मू-कश्मीर (लेह-लद्दाख) में इस नदी के किनारे "सिंधु दर्शन महोत्सव" मनाया जाता है, जहाँ पूरे देश से लोग इस पवित्र नदी के दर्शन करने जाते हैं। लेह-लद्दाख की यात्रा बहुत महंगी होती है, जिससे कई लोग चाहकर भी वहाँ नहीं जा पाते।
अपने राज्य के लोगों को इस ऐतिहासिक यात्रा से जोड़ने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने "सिंधु दर्शन योजना" लागू की है। अगर आप अपने खर्चे पर सिंधु दर्शन यात्रा पर जाते हैं, तो वापस आने के बाद सरकार आपको इनाम के तौर पर ₹25,000 वापस कर देती है। इससे आपकी यात्रा का बहुत सारा खर्च निकल आता है।
सिंधु दर्शन योजना के लाभ
योजना में कितना पैसा मिलता है?
- नकद अनुदान: यात्रा पूरी करके लौटने पर प्रति व्यक्ति ₹25,000 की राशि दी जाती है।
- बढ़ेगा पर्यटन: इससे आम लोग, जो लद्दाख की महंगी टिकटों (Flight/Train) से डरते थे, वे भी इस तीर्थ यात्रा का लाभ उठा सकते हैं।
- सीधे खाते में भुगतान: यह पैसा किसी एजेंट को नहीं, बल्कि सीधे तीर्थयात्री के बैंक खाते में डाला जाता है।
सिंधु दर्शन योजना की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- तीर्थयात्री मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- यात्री ने आधिकारिक "सिंधु दर्शन उत्सव समिति" के ज़रिए यात्रा की हो।
- एक व्यक्ति अपने जीवन में सिर्फ एक ही बार इस योजना का लाभ (पैसा) ले सकता है।
- यात्री कोई ऐसा सरकारी कर्मचारी या अधिकारी न हो, जिसने इसी यात्रा के लिए सरकार से पहले ही कोई भत्ता (LTC) लिया हो।
सिंधु दर्शन योजना के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- अगर आप यात्रा से वापस आने के 60 दिन (2 महीने) बाद फॉर्म जमा करते हैं, तो आपका फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा।
- बिना असली टिकट (Original Ticket) और रसीद के अनुदान राशि पास नहीं होती।
- अगर आपने यात्रा बीच में ही छोड़ दी या आप लेह नहीं पहुंचे, तो पैसा नहीं मिलेगा।
सिंधु दर्शन योजना की आवेदन प्रक्रिया
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सिंधु दर्शन योजना के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सरकार हमें ट्रेन/फ्लाइट में बैठाकर ले जाती है? ▾
नहीं, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना (जिसमें स्पेशल ट्रेन जाती है) से यह योजना अलग है। इसमें आपको अपनी टिकट और रहने की व्यवस्था खुद करनी होती है। सरकार सिर्फ वापस आने पर मदद के तौर पर ₹25,000 देती है।
अगर मैं अपनी पत्नी के साथ जाऊँ तो कितने पैसे मिलेंगे? ▾
यह अनुदान "प्रति यात्री" ₹25,000 है। अगर पति और पत्नी दोनों के पास रजिस्ट्रेशन और टिकट है, तो दोनों अलग-अलग फॉर्म भरकर 25-25 हज़ार रुपये (कुल ₹50,000) पा सकते हैं।
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https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/sindhu-darshan-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग
- आधिकारिक स्रोत: tirthdarshan.mp.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
राष्ट्रीय एकता और भारत की प्राचीन संस्कृति (सिंधु नदी) को बढ़ावा देने के लिए श्रद्धालुओं की आर्थिक मदद।
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- सिंधु दर्शन योजना — विभागीय स्रोत ↗
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
राष्ट्रीय एकता और भारत की प्राचीन संस्कृति (सिंधु नदी) को बढ़ावा देने के लिए श्रद्धालुओं की आर्थिक मदद।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
सिंधु दर्शन योजना की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
