निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना
Nishakt Pension Yojana (Disability Support)
शारीरिक रूप से 40% या उससे अधिक दिव्यांग (विकलांग) व्यक्तियों को उनके दैनिक जीवन और दवाओं के खर्चे के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली मासिक पेंशन।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।
योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
संबंधित योजनाएं
निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
जो लोग शारीरिक या दृष्टि दोष के कारण दिव्यांग (विकलांग) होते हैं, उनके लिए काम-काज करना बहुत मुश्किल होता है। कई बार उन्हें रोज़ाना दवाओं और विशेष उपकरणों (जैसे बैसाखी या चश्मे) की ज़रूरत पड़ती ক্ষমতায় है।
दिव्यांगों को इन ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर "निःशक्त पेंशन योजना" चलाती हैं। इसमें दिव्यांग व्यक्ति को हर महीने एक बंधी हुई राशि (पेंशन) दी जाती है, ताकि वह सम्मान से जी सके।
निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना के लाभ
पेंशन में क्या मिलता है?
- मासिक पेंशन (Monthly Pension): दिव्यांग व्यक्ति के खाते में हर महीने ₹600 की राशि भेजी जाती है।
- DBT ट्रांसफर: पैसा किसी अधिकारी के ज़रिए नहीं, बल्कि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में (Direct Benefit Transfer) आता है।
- लगातार सहायता: यह पेंशन तब तक मिलती है जब तक दिव्यांगता का प्रतिशत 40% या उससे ज़्यादा बना रहता है (स्थायी दिव्यांगता में आजीवन)।
निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- आवेदक मध्य प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 6 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए (6 वर्ष से कम के बच्चों के लिए अलग नियम हैं)।
- शासकीय मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित 40% या उससे अधिक की दिव्यांगता (विकलांगता) होनी चाहिए।
- आवेदक का परिवार बीपीएल (BPL) में हो, या उनकी आय योजना के निर्धारित मापदंडों के भीतर हो।
निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- जिन लोगों की दिव्यांगता 40% से कम है (जैसे मामूली चोट या ठीक हो जाने वाली बीमारी), उन्हें यह पेंशन नहीं मिलेगी।
- सरकारी कर्मचारियों या आयकर दाताओं को यह लाभ नहीं मिलता।
निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना की आवेदन प्रक्रिया
ट्रेंडिंग योजनाएं
निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
UDID कार्ड क्या है और यह क्यों ज़रूरी है? ▾
UDID (Unique Disability ID) कार्ड भारत सरकार द्वारा दिव्यांगों को दिया जाने वाला स्मार्ट कार्ड है। पेंशन लेने के लिए अब मेडिकल सर्टिफिकेट की जगह UDID कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।
क्या 6 साल से छोटे दिव्यांग बच्चे को पेंशन मिलेगी? ▾
सामान्य निःशक्त पेंशन 6 वर्ष से शुरू होती है। अति गंभीर बहुविकलांग या मंदबुद्धि बच्चों के लिए "बहुविकलांग आर्थिक सहायता योजना" के तहत जन्म से ही सहायता मिलती है।
इस जानकारी को दूसरों तक पहुँचाएं (Share & Link)
अगर आपको यह जानकारी मददगार लगी, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें या अपनी वेबसाइट/ब्लॉग पर लिंक देकर दूसरों की मदद करें।
https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/madhya-pradesh-nishakt-pension-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
- आधिकारिक स्रोत: socialjustice.mp.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
दिव्यांगों (निःशक्तजनों) को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य व केंद्र की संयुक्त पेंशन योजना।
जानकारी में गलती बताएं या सुधार भेजें
- निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना — विभागीय स्रोत ↗
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
दिव्यांगों (निःशक्तजनों) को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य व केंद्र की संयुक्त पेंशन योजना।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
निःशक्त (दिव्यांग) पेंशन योजना की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
