प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

विवरण
योजना का क्षेत्र: केंद्रीय योजना — लागू क्षेत्र और स्थानीय प्रक्रिया योजना के नियमों के अनुसार
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत सरकार की फसल बीमा योजना है जो किसानों को प्राकृतिक आपदाओं (सूखा, बाढ़, चक्रवात), कीट-रोग और अन्य कारणों से फसल नुकसान पर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
इस योजना में किसान को बहुत कम प्रीमियम देना होता है — खरीफ फसलों पर 2%, रबी पर 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों पर 5%। शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार 50:50 अनुपात में वहन करती हैं।
2020 से सभी किसानों (ऋणी किसानों सहित) के लिए नामांकन स्वैच्छिक है।
लाभ
व्यापक फसल बीमा कवर
- बुवाई-पूर्व से लेकर कटाई-पश्चात तक का कवरेज।
- प्राकृतिक आपदा (सूखा, बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि) से फसल नुकसान पर भुगतान।
- कीट-रोग से होने वाले नुकसान पर भी कवर।
- स्थानीय आपदाओं (ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव) पर अलग से कवरेज।
- कटाई के बाद 14 दिन तक खेत में रखी फसल को चक्रवात/बेमौसम बारिश से नुकसान पर कवर।
किसान का प्रीमियम
- खरीफ फसलें: बीमित राशि का 2%।
- रबी फसलें: बीमित राशि का 1.5%।
- वाणिज्यिक/बागवानी फसलें: बीमित राशि का 5%।
पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- सभी किसान पात्र हैं — भूमि मालिक, बटाईदार और किरायेदार किसान।
- ऋणी (लोन लेने वाले) और गैर-ऋणी दोनों किसान स्वैच्छिक रूप से नामांकन करा सकते हैं।
- अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों की खेती करने वाले किसान।
- आधार नंबर और भूमि रिकॉर्ड आवश्यक।
अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- गैर-अधिसूचित फसलें या गैर-अधिसूचित क्षेत्रों में खेती करने वाले किसान।
- जानबूझकर नुकसान पहुँचाने या लापरवाही के मामले।
- युद्ध, परमाणु जोखिम से नुकसान।
आवेदन प्रक्रिया
- PMFBY पोर्टल (pmfby.gov.in) पर जाएं और किसान लॉगिन करें।
- अपनी फसल, सीज़न, क्षेत्र और बीमा इकाई चुनें।
- भूमि और बैंक विवरण भरें।
- प्रीमियम का ऑनलाइन भुगतान करें और बीमा प्रमाण पत्र डाउनलोड करें।
- नज़दीकी CSC, बैंक शाखा या कृषि विभाग कार्यालय में जाएं।
- PMFBY नामांकन फॉर्म भरें, भूमि रिकॉर्ड और बैंक विवरण जमा करें।
- प्रीमियम का भुगतान करें और पावती प्राप्त करें।
आवश्यक दस्तावेज़
वर्तमान सरकारी प्रपत्र से मिलाएँ कि आपके मामले में कौन-सा दस्तावेज़ लागू है। किसी खास श्रेणी के लिए माँगा गया प्रमाण हर आवेदक के लिए जरूरी नहीं होता।
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- भूमि रिकॉर्ड (खसरा/RoR/भूमि कब्ज़ा प्रमाण पत्र)
- बोवाई प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
- बटाईदार/किरायेदार किसान के लिए अनुबंध दस्तावेज़
अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
फसल नुकसान की सूचना कब तक देनी होगी? ▾
फसल नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर सूचना दें। Crop Insurance App, CSC या बीमा कंपनी/कृषि विभाग से संपर्क करें।
क्लेम का पैसा कैसे मिलता है? ▾
क्लेम राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में जमा होती है।
क्या बटाईदार/किरायेदार किसान पात्र हैं? ▾
हाँ, बटाईदार और किरायेदार किसान भी पात्र हैं। उन्हें भूमि मालिक के साथ अनुबंध/सहमति दस्तावेज़ जमा करना होगा।
स्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार
- आधिकारिक स्रोत: pmfby.gov.in
इस लेख का अंतिम स्वतंत्र सत्यापन: सत्यापन आवश्यक
pmfby.gov.in से सत्यापित। 2020 से सभी किसानों के लिए नामांकन स्वैच्छिक। फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देनी आवश्यक। क्लेम DBT से आधार-लिंक बैंक खाते में।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) — विभागीय स्रोत ↗
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
pmfby.gov.in से सत्यापित। 2020 से सभी किसानों के लिए नामांकन स्वैच्छिक। फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देनी आवश्यक। क्लेम DBT से आधार-लिंक बैंक खाते में।
सरकारी योजना सेतु एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
प्रतिपुष्टि
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
