बलराम ताल योजना (खेत तालाब)
Balram Tal Yojana (Farm Pond Scheme)
खेतों में बारिश का पानी सहेजने और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए पक्का या कच्चा तालाब (बलराम ताल) बनाने पर 1 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।
योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
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आवेदन से जुड़े गाइड
बलराम ताल योजना (खेत तालाब) का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
बलराम ताल योजना का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल संचयन (Rainwater harvesting) करना और भू-जल स्तर (Groundwater level) को सुधारना है। इससे किसान बरसात के पानी को खेत के ही एक हिस्से (तालाब) में रोक सकते हैं, और बाद में रबी/खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए उसका उपयोग कर सकते हैं।
इस योजना के तहत किसान कच्चा या पक्का (प्लास्टिक लाइनिंग वाला) तालाब बना सकते हैं। तालाब के आकार (Volume) और मिट्टी की खुदाई के काम के आधार पर विभाग सब्सिडी की गणना करता है।
बलराम ताल योजना (खेत तालाब) के लाभ
अनुदान (Subsidy) का विवरण
- सामान्य वर्ग (General): लागत का 40% (अधिकतम 80,000 रुपये तक)।
- लघु एवं सीमांत कृषक (Small/Marginal): लागत का 50% (अधिकतम 80,000 रुपये तक)।
- अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST): लागत का 75% (अधिकतम 1,00,000 रुपये तक)।
- जल संचयन: तालाब बनने से खेत की सिंचाई क्षमता बढ़ती है और आसपास के कुओं/ट्यूबवेल का वाटर लेवल भी रिचार्ज होता है।
बलराम ताल योजना (खेत तालाब) की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- आवेदक मध्य प्रदेश का निवासी और किसान होना चाहिए।
- खेत में कम से कम ड्रिप (Drip) या स्प्रिंकलर (Sprinkler - फव्वारा) सिंचाई प्रणाली स्थापित होना अनिवार्य शर्त (Mandatory) है।
- जिन किसानों के पास पहले से नहरी या ट्यूबवेल की पक्की व्यवस्था है, उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जाती, बल्कि असिंचित क्षेत्रों को तरजीह दी जाती है।
- तालाब का न्यूनतम आकार शासन द्वारा तय मानकों (जैसे 1200 घन मीटर) के अनुसार होना चाहिए।
बलराम ताल योजना (खेत तालाब) के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- यदि किसान के पास ड्रिप या स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं है, तो वह बलराम ताल के लिए आवेदन नहीं कर सकता।
- अनुदान की राशि सीधे ठेकेदार को नहीं बल्कि किसान के बैंक खाते में दी जाती है (किसान को पहले खुद के पैसे से निर्माण करना होता है)।
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बलराम ताल योजना (खेत तालाब) के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुझे बलराम ताल बनवाने के लिए पहले पूरे पैसे खुद लगाने होंगे? ▾
हाँ, किसान को पहले अपने संसाधनों से तालाब खुदवाना होता है। काम पूरा होने और सरकारी इंजीनियर द्वारा नाप (Measurement) करने के बाद सब्सिडी का पैसा खाते में आता है।
क्या ड्रिप या स्प्रिंकलर लगाना सच में ज़रूरी है? ▾
हाँ, मध्य प्रदेश सरकार के नए नियमों के अनुसार बलराम ताल पर सब्सिडी तभी मिलेगी जब आपके पास सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) का सिस्टम मौजूद हो।
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https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/balram-tal-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
- आधिकारिक स्रोत: mpkrishi.mp.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
कृषि अभियांत्रिकी (dbt.mpdage.org) पोर्टल और MP कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों से सत्यापित।
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- बलराम ताल योजना (खेत तालाब) — विभागीय स्रोत ↗
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
कृषि अभियांत्रिकी (dbt.mpdage.org) पोर्टल और MP कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों से सत्यापित।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
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