गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme)
GOBARdhan Scheme CBG
गोबर और जैविक कचरे से बनेगी CBG। ₹23,731 करोड़ की योजना के तहत परियोजनाओं और MSME को सहायता।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।

योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
संबंधित योजनाएं
आवेदन से जुड़े गाइड
गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) का विवरण
योजना का क्षेत्र: केंद्रीय योजना — लागू क्षेत्र और स्थानीय प्रक्रिया योजना के नियमों के अनुसार
GOBARdhan Scheme 2026: गोबर और जैविक कचरे से बनेगी CBG, ₹23,731 करोड़ की योजना के तहत जानें पूरी जानकारी
GOBARdhan Scheme 2026: केंद्र सरकार ने देश में Compressed Biogas (CBG) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए GOBARdhan (गोबरधन) योजना को राष्ट्रीय स्तर पर नए एकीकृत ढांचे के रूप में आगे बढ़ाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को 6 अगस्त 2026 को मंजूरी दी थी और 1 अक्टूबर 2026 को इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया। योजना के लिए कुल ₹23,731 करोड़ का परिव्यय निर्धारित किया गया है और इसका कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक यानी 10 वर्षों के लिए किया जाना है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि अवशेष, पशुओं का गोबर, प्रेसमड, नगरों के जैविक कचरे और अन्य जैविक संसाधनों को उपयोग में लेकर Compressed Biogas यानी CBG, जैविक खाद और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियां विकसित करना है। सरकार का लक्ष्य घरेलू CBG उत्पादन को लगभग 10 गुना बढ़ाकर करीब 5 MMSCMD तक पहुंचाना है।
GOBARdhan योजना क्या है?
GOBARdhan का पूरा नाम Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan है। मूल GOBARdhan पहल को वर्ष 2018 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य जैविक कचरे जैसे पशु अपशिष्ट, रसोई के जैविक कचरे और कृषि अवशेषों को बायोगैस तथा जैविक स्लरी में बदलकर गांवों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर करना था।
2026 में केंद्र सरकार ने GOBARdhan को National Circular Bioenergy Scheme के रूप में CBG क्षेत्र के लिए एक अधिक व्यापक और एकीकृत राष्ट्रीय ढांचे के रूप में मंजूरी दी है। इसके तहत पहले से मौजूद अलग-अलग सहायता और हस्तक्षेपों को एक व्यापक व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
GOBARdhan Scheme 2026 की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | GOBARdhan / National Circular Bioenergy Scheme |
| मुख्य क्षेत्र | Compressed Biogas (CBG) |
| कुल परिव्यय | ₹23,731 करोड़ |
| अवधि | वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2035-36 |
| लक्ष्य | घरेलू CBG उत्पादन में लगभग 10 गुना वृद्धि |
| लक्षित उत्पादन | करीब 5 MMSCMD |
| नोडल मंत्रालय | पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय |
| लॉन्च | 1 अक्टूबर 2026 |
| कैपिटल सहायता | पात्र CBG परियोजनाओं के लिए अधिकतम ₹2 करोड़ प्रति TPD क्षमता |
| CBG कीमत ढांचा | ₹2,110 प्रति MMBTU |
| MSME क्रेडिट गारंटी | डिफॉल्ट की स्थिति में बकाया राशि के 85% तक, निर्धारित सीमा के अधीन |
GOBARdhan Scheme 2026 का उद्देश्य क्या है?
इस योजना को केवल कचरे से गैस बनाने की योजना के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य पूरे CBG इकोसिस्टम को विकसित करना है।
इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
1. जैविक कचरे का उपयोग:
कृषि अवशेष, पशुओं का गोबर, प्रेसमड, नगरों का जैविक कचरा और अन्य बायोमास संसाधनों को आर्थिक रूप से उपयोगी बनाना।
2. घरेलू स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना:
देश में CBG की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर प्राकृतिक गैस की मांग का एक हिस्सा घरेलू नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने में मदद करना।
3. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना:
फीडस्टॉक संग्रह, परिवहन, प्रसंस्करण, प्लांट संचालन और जैविक खाद के कारोबार से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक अवसर पैदा करना।
4. आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना:
CBG को घरेलू स्तर पर उत्पादित नवीकरणीय गैसीय ईंधन के रूप में बढ़ावा देकर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना।
CBG क्या होता है?
CBG यानी Compressed Biogas जैविक कचरे और बायोमास से तैयार की जाने वाली गैस है। इसके लिए पशुओं का गोबर, कृषि अवशेष, प्रेसमड और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग किया जा सकता है।
सरकारी जानकारी के अनुसार CBG रासायनिक रूप से प्राकृतिक गैस के समकक्ष है और इसे गैस के मौजूदा इकोसिस्टम में उपयोग किया जा सकता है। इससे CNG परिवहन और PNG घरेलू उपयोग जैसे क्षेत्रों में इसकी भूमिका बढ़ सकती है।
सरल भाषा में समझें तो:
गोबर/कृषि कचरा → जैव गैस उत्पादन → शुद्धिकरण → Compressed Biogas (CBG) → ऊर्जा के रूप में उपयोग
इसके साथ प्लांट से FOM/LFOM जैसे जैविक खाद उत्पाद भी प्राप्त होते हैं, जिससे कचरे के साथ-साथ खाद के उपयोग का भी रास्ता बनता है।
GOBARdhan Scheme 2026 के 6 बड़े हिस्से
सरकार ने GOBARdhan के अंतर्गत CBG क्षेत्र को बढ़ाने के लिए छह प्रमुख हस्तक्षेप निर्धारित किए हैं।
1. CBG की खरीद का आश्वासन
CBG प्लांट से उत्पादित गैस के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। योजना के तहत City Gas Distribution (CGD) संस्थाओं के माध्यम से खरीद व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।
CBG Obligation यानी CBO के तहत CNG (Transport) और PNG (Domestic) क्षेत्र के लिए खरीद/ब्लेंडिंग लक्ष्य इस प्रकार रखा गया है:
- वित्तीय वर्ष 2026-27: 3%
- वित्तीय वर्ष 2027-28: 4%
- वित्तीय वर्ष 2028-29 से आगे: 5%
इसका उद्देश्य CBG उत्पादकों के लिए लंबी अवधि में मांग का अधिक स्पष्ट संकेत उपलब्ध कराना है।
2. CBG के लिए स्थिर मूल्य ढांचा
GOBARdhan योजना में ₹2,110 प्रति MMBTU का प्रशासित CBG मूल्य ढांचा पेश किया गया है।
सरकारी विवरण के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य CBG उत्पादकों को लंबे समय के लिए अधिक राजस्व दृश्यता देना है, जबकि उपभोक्ताओं की वहनीयता को भी ध्यान में रखा गया है। यह ढांचा न्यूनतम 10 वर्ष के दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है।
3. CBG प्लांट के लिए कैपिटल असिस्टेंस
यह योजना CBG प्रोजेक्ट लगाने वालों के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान लेकर आई है।
पात्र Greenfield CBG परियोजनाओं को स्थापित क्षमता के आधार पर अधिकतम ₹2 करोड़ प्रति TPD (Ton Per Day) तक कैपिटल सहायता मिल सकती है।
यह सहायता केवल मुख्य मशीनरी तक सीमित नहीं है। इसमें फीडस्टॉक एग्रीगेशन तथा जैविक खाद के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से जुड़े कुछ जरूरी उपकरण भी शामिल किए जा सकते हैं। पात्र Brownfield परियोजनाओं में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए भी सहायता का प्रावधान है।
उदाहरण से समझें:
मान लीजिए कोई पात्र CBG प्रोजेक्ट 5 TPD की स्थापित क्षमता का है। केवल घोषित अधिकतम दर के आधार पर गणितीय सीमा ₹10 करोड़ बनती है, लेकिन वास्तविक सहायता लागू दिशा-निर्देशों और पात्रता शर्तों के अनुसार तय होगी। इसलिए इसे हर परियोजना के लिए स्वतः मिलने वाली ₹10 करोड़ की राशि नहीं माना जाना चाहिए।
4. पाइपलाइन कनेक्टिविटी के लिए सहायता
कई CBG प्लांटों के सामने गैस को बाजार तक पहुंचाने की समस्या रहती है। इसे दूर करने के लिए योजना में पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी समर्थन दिया गया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार:
- CBG क्लस्टर को ट्रंक पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ने वाली पाइपलाइन के पात्र पूंजीगत खर्च का 80% तक समर्थन उपलब्ध हो सकता है।
- Standalone CBG प्लांट को CGD नेटवर्क से जोड़ने के लिए पात्र पूंजीगत खर्च का 50% तक समर्थन उपलब्ध हो सकता है।
5. MSME के लिए Credit Guarantee Support
CBG क्षेत्र में वित्त की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पात्र MSME आधारित CBG परियोजनाओं के लिए समर्पित Credit Guarantee व्यवस्था बनाई गई है। योजना के अंतर्गत डिफॉल्ट की स्थिति में पात्र ऋण की बकाया राशि के 85% तक गारंटी कवरेज उपलब्ध हो सकता है, निर्धारित परियोजना सीमाओं के अधीन।
गारंटी की अधिकतम सीमा:
- सामान्य MSME परियोजना: ₹20 करोड़ प्रति परियोजना
- महिला-नेतृत्व वाली MSME परियोजना: ₹25 करोड़ प्रति परियोजना
6. CBG Ecosystem Challenge Fund
योजना के तहत CBG Ecosystem Challenge Fund भी स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से निम्न क्षेत्रों में सहायता दी जा सकती है:
- फीडस्टॉक संसाधनों का आकलन और मैपिंग
- फीडस्टॉक एग्रीगेशन
- जिला स्तर पर CBG विकास योजना
- नई तकनीक अपनाना, क्षमता निर्माण और हितधारकों में जागरूकता
किसानों को GOBARdhan Scheme से क्या फायदा होगा?
किसानों के लिए इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू जैविक संसाधनों को आर्थिक गतिविधि से जोड़ना है। CBG संयंत्रों के आसपास कृषि अवशेष और पशु अपशिष्ट की आवश्यकता बढ़ने पर किसानों, फीडस्टॉक संग्रहकर्ताओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए बाजार अवसर बन सकते हैं।
इसके संभावित लाभों में शामिल हैं: फसल अवशेष का उपयोग: कृषि कचरे को जलाने के बजाय उसे आर्थिक रूप से उपयोगी फीडस्टॉक में बदला जा सकता है। ग्रामीण आय के अवसर: संग्रह, परिवहन और प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों से स्थानीय कारोबार विकसित हो सकते हैं। जैविक खाद: CBG प्लांट से निकलने वाले FOM/LFOM को जैविक खाद के रूप में वैल्यू एडिशन और उपयोग के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है।
क्या हर किसान को सीधे ₹2 करोड़ मिलेंगे?
नहीं। यह बात विशेष रूप से समझना जरूरी है। GOBARdhan के तहत घोषित ₹2 करोड़ प्रति TPD तक की कैपिटल सहायता पात्र CBG परियोजनाओं के लिए है, न कि प्रत्येक किसान के बैंक खाते में मिलने वाली व्यक्तिगत आर्थिक सहायता। इसी तरह Credit Guarantee भी पात्र MSME आधारित CBG परियोजनाओं के लिए है।
GOBARdhan Scheme में कौन-कौन भाग ले सकता है?
2026 के नए CBG ढांचे में संभावित भागीदारी का दायरा काफी व्यापक है। इसमें विशेष रूप से:
- निजी CBG डेवलपर
- MSME
- ग्रामीण उद्यमी
- सहकारी संस्थाएं
- CBG परियोजना विकसित करने वाली संस्थाएं
- राज्य सरकारें
- City Gas Distribution संस्थाएं
GOBARdhan Scheme के लिए आवेदन कैसे करें?
1 अक्टूबर 2026 को योजना की लॉन्चिंग के साथ Unified GOBARdhan Portal भी शुरू किया गया है। आवेदक को अपनी परियोजना के प्रकार के अनुसार संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देशों और पोर्टल पर उपलब्ध प्रक्रिया का पालन करना होगा।
जरूरी दस्तावेज और जानकारी:
- परियोजना की जानकारी
- CBG उत्पादन क्षमता
- फीडस्टॉक स्रोत
- भूमि/स्थान से संबंधित विवरण
- तकनीकी परियोजना विवरण
- वित्तीय/ऋण संबंधी जानकारी
- संबंधित स्वीकृतियां और अनुमतियां
GOBARdhan Portal क्या है?
GOBARdhan के लिए पहले से Ministry of Jal Shakti के अंतर्गत एक Unified Registration Portal मौजूद है, जो बायोगैस प्लांट से संबंधित पंजीकरण और जानकारी के लिए उपयोग किया जाता रहा है। पोर्टल पर वर्तमान में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यह पोर्टल Biogas plants के लिए है और CBG registration के लिए अलग विकल्प उपलब्ध है।
GOBARdhan Scheme का देश को क्या फायदा होगा?
सरकारी अनुमान के अनुसार योजना के परिणामस्वरूप:
- घरेलू CBG उत्पादन में लगभग 10 गुना वृद्धि हो सकती है।
- ₹40,000 करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा बचत का प्रभाव हो सकता है।
- GDP में ₹75,000 करोड़ से अधिक का योगदान होने की उम्मीद है।
- 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
- लगभग 10 मिलियन टन जीवाश्म ईंधन को स्वच्छ गैस से प्रतिस्थापित करने का लक्ष्य/अनुमान है।
- 40 मिलियन टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन में कमी की अपेक्षा है।
2026 में GOBARdhan Scheme की सबसे बड़ी नई बात क्या है?
GOBARdhan की 2026 की नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि CBG क्षेत्र के लिए पहले से मौजूद अलग-अलग सहायता उपायों को एक राष्ट्रीय एकीकृत ढांचे में लाने की कोशिश की गई है। इसमें एक साथ: मांग का आश्वासन + स्थिर मूल्य ढांचा + कैपिटल सहायता + पाइपलाइन सहायता + क्रेडिट गारंटी + इकोसिस्टम फंड शामिल किए गए हैं।
अगस्त 2026 तक CBG क्षेत्र की स्थिति
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 तक भारत में 217 से अधिक CBG प्लांट commissioned हो चुके थे और उनकी स्थापित क्षमता 1,700 TPD से अधिक थी। नई GOBARdhan योजना का उद्देश्य इस आधार को राष्ट्रीय स्तर पर और तेजी से बढ़ाना है।
निष्कर्ष
GOBARdhan Scheme 2026 भारत में जैविक कचरे को स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक गतिविधि में बदलने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय पहल है। ₹23,731 करोड़ के परिव्यय और 10 साल की अवधि वाले इस ढांचे में CBG की खरीद, मूल्य स्थिरता, परियोजना कैपिटल सहायता, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, MSME क्रेडिट गारंटी और इकोसिस्टम विकास को एक साथ जोड़ा गया है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि GOBARdhan की कैपिटल सहायता प्रत्येक किसान को मिलने वाली सीधी नकद राशि नहीं है। लाभ परियोजना की पात्रता, श्रेणी और लागू सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होंगे।
गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) के लाभ
योजना के 6 मुख्य फायदे
- कैपिटल सहायता: पात्र CBG परियोजनाओं को ₹2 करोड़ प्रति TPD तक की सहायता।
- CBG खरीद की गारंटी: City Gas Distribution (CGD) के माध्यम से बाजार उपलब्ध।
- स्थिर मूल्य: ₹2,110 प्रति MMBTU का प्रशासित CBG मूल्य।
- पाइपलाइन कनेक्टिविटी: नेटवर्क से जोड़ने के लिए 50% से 80% तक समर्थन।
- MSME के लिए Credit Guarantee: डिफॉल्ट की स्थिति में 85% तक (अधिकतम ₹20-25 करोड़)।
- फीडस्टॉक संग्रह: किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए कृषि कचरे से अतिरिक्त आय।
गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- निजी CBG डेवलपर, MSME, ग्रामीण उद्यमी, सहकारी संस्थाएं और CBG परियोजना विकसित करने वाली संस्थाएं पात्र हैं।
गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) की आवेदन प्रक्रिया
ट्रेंडिंग योजनाएं
गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
GOBARdhan Scheme 2026 क्या है? ▾
यह CBG उत्पादन बढ़ाने की केंद्रीय योजना है। इसका परिव्यय ₹23,731 करोड़ और अवधि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2035-36 है।
GOBARdhan Scheme कब लॉन्च हुई? ▾
नई CBG योजना 1 अक्टूबर 2026 को लॉन्च हुई। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अगस्त 2026 को मंजूरी दी थी।
GOBARdhan Scheme में ₹2 करोड़ किसे मिलते हैं? ▾
पात्र नई CBG परियोजनाओं के लिए स्थापित क्षमता पर अधिकतम ₹2 करोड़ प्रति TPD कैपिटल सहायता है। यह हर किसान को मिलने वाली निश्चित नकद राशि नहीं है।
GOBARdhan Scheme का बजट कितना है? ▾
योजना का कुल परिव्यय ₹23,731 करोड़ है, जो 2026-27 से 2035-36 की अवधि के लिए है।
CBG की कीमत कितनी तय की गई है? ▾
योजना में CBG का प्रशासित मूल्य ₹2,110 प्रति MMBTU रखा गया है।
क्या किसान GOBARdhan Scheme का लाभ ले सकते हैं? ▾
किसान, सहकारी संस्थाएं और गौशालाएं फीडस्टॉक संग्रह, परिवहन और प्रसंस्करण में भाग ले सकती हैं। परियोजना की सहायता को व्यक्तिगत किसान की तय नकद सहायता न समझें।
GOBARdhan में CBG Obligation कितना है? ▾
CGD संस्थाओं के लिए CNG परिवहन और PNG घरेलू क्षेत्र में खरीद दायित्व 2026-27 में 3%, 2027-28 में 4% और 2028-29 से 5% है।
क्या Brownfield CBG Project को भी सहायता मिल सकती है? ▾
उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाली पात्र मौजूदा यानी Brownfield परियोजनाएं भी कैपिटल सहायता के दायरे में हैं। सहायता लागू नियमों के अनुसार तय होगी।
GOBARdhan Scheme का आधिकारिक पोर्टल कौन सा है? ▾
योजना के साथ 1 अक्टूबर 2026 को Unified GOBARdhan Portal लॉन्च हुआ। उपलब्ध PIB विज्ञप्ति में उसका सीधा URL नहीं दिया गया है; आवेदन लिंक संबंधित मंत्रालय के आधिकारिक स्रोत से जाँचें।
सवाल-जवाब के आधिकारिक स्रोत · जाँच: 3 अक्टूबर 2026
इस जानकारी को दूसरों तक पहुँचाएं (Share & Link)
अगर आपको यह जानकारी मददगार लगी, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें या अपनी वेबसाइट/ब्लॉग पर लिंक देकर दूसरों की मदद करें।
https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/gobardhan-schemeस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: जल शक्ति मंत्रालय / पेट्रोलियम मंत्रालय
- आधिकारिक स्रोत: sbm.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
GOBARdhan Scheme 2026 (National Circular Bioenergy Scheme) 1 अक्टूबर 2026 को लॉन्च की गई।
जानकारी में गलती बताएं या सुधार भेजें
- गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) — विभागीय स्रोत ↗
जल शक्ति मंत्रालय / पेट्रोलियम मंत्रालय · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
GOBARdhan Scheme 2026 (National Circular Bioenergy Scheme) 1 अक्टूबर 2026 को लॉन्च की गई।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
