यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना
Yashoda Dugdh Praday Yojana (Anganwadi Milk)
आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों और गर्भवती/धात्री माताओं के कुपोषण को दूर करने के लिए मुफ़्त में मीठा और सुगंधित (Flavoured) दूध बांटने की योजना।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।
योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
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यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
बच्चों की अच्छी ग्रोथ (शारीरिक और मानसिक विकास) के लिए दूध सबसे ज़रूरी चीज़ है। लेकिन गरीब परिवारों में बच्चों को रोज़ दूध पीने को नहीं मिल पाता, जिससे वे कमज़ोर (कुपोषित) रह जाते हैं। गर्भवती माताओं को भी कैल्शियम की बहुत ज़रूरत होती है।
इसी समस्या को सुलझाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने "यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना" लागू की है। इसमें राज्य के दुग्ध संघों (जैसे सांची) के ज़रिए आंगनवाड़ियों में दूध का पाउडर भेजा जाता है। कार्यकर्ता इसे साफ़ पानी में घोलकर, इसमें चीनी और इलायची/केसर का स्वाद (Flavour) मिलाकर बच्चों को पिलाती हैं, ताकि बच्चे इसे शौक से पिएं।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के लाभ
योजना के क्या फायदे हैं?
- हफ्ते में 3 दिन दूध: बच्चों को हफ्ते में कम से कम 3 दिन (अक्सर सोमवार, बुधवार, शुक्रवार) दूध पीने को मिलता है।
- पोषण में सुधार (Nutrition): दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन होते हैं, जिससे बच्चों का वज़न बढ़ता है और हड्डियां मज़बूत होती हैं।
- स्वादिष्ट दूध: दूध में स्वाद (Flavour) मिलाया जाता है, जिससे जो बच्चे सादा दूध नहीं पीते, वे भी इसे खुशी-खुशी पी लेते हैं।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- योजना का लाभ 3 से 6 वर्ष की उम्र के उन बच्चों को मिलता है जो आंगनवाड़ी में पढ़ने आते हैं।
- गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women) और बच्चों को स्तनपान कराने वाली माताएं (Lactating Mothers) भी इस दूध को पीने की हकदार हैं।
- इसके लिए कोई जाति या आय की सीमा नहीं है, आंगनवाड़ी में दर्ज़ हर बच्चे को दूध मिलेगा।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- जो बच्चे आंगनवाड़ी में दर्ज़ नहीं हैं या वहां नहीं जाते, उन्हें घर पर दूध (पाउडर) नहीं भेजा जाता है। दूध आंगनवाड़ी में ही बैठकर पीना होता है।
- 6 साल से ऊपर के स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह योजना नहीं है (उनके लिए स्कूलों में मध्याह्न भोजन होता है)।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना की आवेदन प्रक्रिया
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यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दूध का पैकेट घर ले जा सकते हैं? ▾
नहीं। योजना के नियम के अनुसार, कार्यकर्ता दूध बनाकर बच्चों को अपने सामने ही पिलाती हैं। दूध का पाउडर या बना हुआ दूध घर ले जाने की अनुमति नहीं है।
अगर दूध पीकर बच्चा बीमार हो जाए तो? ▾
यह दूध सांची (Sanchi) जैसी प्रमाणित सरकारी संस्थाओं द्वारा पूरी तरह जांच (Testing) के बाद ही भेजा जाता है। इसे साफ़-सफाई से उबाल कर दिया जाता है, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित है।
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https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/yashoda-dugdh-praday-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग
- आधिकारिक स्रोत: mpwcdmis.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
मध्य प्रदेश में कुपोषण दर को कम करने के लिए सांची दुग्ध संघ के सहयोग से पहल।
जानकारी में गलती बताएं या सुधार भेजें
- यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना — विभागीय स्रोत ↗
महिला एवं बाल विकास विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
मध्य प्रदेश में कुपोषण दर को कम करने के लिए सांची दुग्ध संघ के सहयोग से पहल।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
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यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
