रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना
Rani Durgavati Shri Anna (Millets) Protsahan Yojana
किसानों को मोटे अनाज (कोदो, कुटकी, ज्वार, बाजरा) उगाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार द्वारा दी जाने वाली अतिरिक्त नकद सहायता।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।

योजना एक नज़र में
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रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना 2026: ₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन, कोदो-कुटकी खरीदी, पंजीयन और पूरी जानकारी
अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना मध्य प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इस योजना का उद्देश्य श्रीअन्न यानी मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देना, कोदो-कुटकी के उपार्जन की व्यवस्था मजबूत करना, श्रीअन्न की वैल्यू चेन विकसित करना और किसानों की आय बढ़ाने के अवसर तैयार करना है।
2025-26 के आधिकारिक सरकारी विवरण के अनुसार, कोदो का निर्धारित उपार्जन मूल्य ₹2,500 प्रति क्विंटल और कुटकी का ₹3,500 प्रति क्विंटल था। इसके अतिरिक्त किसानों को ₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से देने की व्यवस्था की गई थी।
2025-26 में कुल 22,886 किसानों ने पंजीयन कराया था, जबकि पंजीकृत क्षेत्रफल 20,616.86 हेक्टेयर था। उपार्जन के लिए 16 जिलों का उल्लेख सरकारी आर्थिक सर्वेक्षण में किया गया है।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना क्या है?
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई योजना है।
इस योजना में विशेष रूप से कोदो और कुटकी जैसी श्रीअन्न फसलों के उत्पादन और उपार्जन को बढ़ावा दिया गया है। योजना का उद्देश्य केवल किसानों से फसल खरीदना नहीं है, बल्कि श्रीअन्न की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना भी है।
योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से निम्न गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है:
- श्रीअन्न का उत्पादन
- कोदो-कुटकी का उपार्जन
- किसानों को प्रोत्साहन
- FPO/FPC के माध्यम से खरीद
- प्रसंस्करण
- पैकेजिंग
- ब्रांडिंग
- मार्केटिंग
- वैल्यू चेन विकास
मध्य प्रदेश के आधिकारिक बजट दस्तावेज में भी राज्य मिलेट मिशन के माध्यम से श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना लागू किए जाने का उल्लेख है।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना 2026 की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
| मुख्य फसलें | कोदो और कुटकी |
| योजना का उद्देश्य | श्रीअन्न उत्पादन और उपार्जन को बढ़ावा देना |
| 2025-26 कोदो उपार्जन मूल्य | ₹2,500 प्रति क्विंटल |
| 2025-26 कुटकी उपार्जन मूल्य | ₹3,500 प्रति क्विंटल |
| 2025-26 प्रोत्साहन राशि | ₹1,000 प्रति क्विंटल |
| प्रोत्साहन भुगतान | DBT |
| 2025-26 पंजीकृत किसान | 22,886 |
| पंजीकृत क्षेत्रफल | 20,616.86 हेक्टेयर |
| 2025-26 चयनित जिले | 16 |
| 2025-26 पंजीयन अवधि | 10 अक्टूबर 2025 से 20 नवंबर 2025 |
| 2025-26 उपार्जन अवधि | 1 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 |
| उपार्जन व्यवस्था | श्रीअन्न फेडरेशन के सदस्य FPO/FPC |
| पंजीयन/उपार्जन पोर्टल | MP e-Uparjan |
नोट: ₹2,500, ₹3,500 और ₹1,000 के आंकड़े 2025-26 के उपार्जन चक्र से संबंधित हैं। नए उपार्जन वर्ष के लिए राशि या नियम बदल सकते हैं।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना का उद्देश्य
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराना है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- कोदो-कुटकी जैसी श्रीअन्न फसलों का उत्पादन बढ़ाना।
- किसानों के लिए उपार्जन की बेहतर व्यवस्था तैयार करना।
- श्रीअन्न की वैल्यू चेन को विकसित करना।
- किसानों को बाजार से जोड़ना।
- श्रीअन्न के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना।
- FPO/FPC को उपार्जन व्यवस्था में शामिल करना।
- श्रीअन्न की ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देना।
- श्रीअन्न की खेती करने वाले किसानों की आय बढ़ाने के अवसर तैयार करना।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना में कितना लाभ मिलता है?
2025-26 में ₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन
2025-26 के उपार्जन चक्र में किसानों को कोदो-कुटकी के निर्धारित उपार्जन मूल्य के अतिरिक्त ₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई थी। 2025-26 में निर्धारित मूल्य इस प्रकार था:
- कोदो — ₹2,500 प्रति क्विंटल
- कुटकी — ₹3,500 प्रति क्विंटल
- अतिरिक्त प्रोत्साहन — ₹1,000 प्रति क्विंटल
प्रोत्साहन राशि किसानों के बैंक खातों में DBT यानी Direct Benefit Transfer के माध्यम से भेजने की व्यवस्था थी। इसलिए ₹1,000 प्रति क्विंटल को फसल का खरीद मूल्य नहीं समझना चाहिए। यह निर्धारित उपार्जन मूल्य के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि थी।
₹3,900 प्रति हेक्टेयर की सहायता क्या है?
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना से जुड़ी पुरानी जानकारी में ₹3,900 प्रति हेक्टेयर का आंकड़ा भी मिलता है। मध्य प्रदेश सरकार की 2024-25 से संबंधित जानकारी के अनुसार किसानों को ₹1,000 प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम ₹3,900 प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता देने का उल्लेख किया गया था। यह जानकारी पुराने योजना वर्ष से संबंधित है। इसलिए ₹3,900 प्रति हेक्टेयर को बिना वर्ष बताए 2026-27 का वर्तमान लाभ नहीं लिखना चाहिए।
आसान भाषा में अंतर
- ₹1,000 प्रति क्विंटल: 2025-26 के उपार्जन चक्र में अतिरिक्त प्रोत्साहन।
- ₹3,900 प्रति हेक्टेयर: 2024-25 से संबंधित अधिकतम अतिरिक्त सहायता का आंकड़ा।
दोनों को एक ही वर्तमान लाभ के रूप में नहीं जोड़ना चाहिए।
2025-26 में कोदो और कुटकी का उपार्जन मूल्य कितना था?
2025-26 के सरकारी आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार:
| फसल | निर्धारित उपार्जन मूल्य |
|---|---|
| कोदो | ₹2,500 प्रति क्विंटल |
| कुटकी | ₹3,500 प्रति क्विंटल |
| अतिरिक्त प्रोत्साहन | ₹1,000 प्रति क्विंटल |
ये आंकड़े खरीफ वर्ष 2025 की उपज और 2025-26 के उपार्जन चक्र से संबंधित हैं।
2025-26 में कितने किसानों ने पंजीयन कराया?
2025-26 के लिए कुल 22,886 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया था। पंजीकृत क्षेत्रफल 20,616.86 हेक्टेयर था। यह पंजीयन का आंकड़ा है। इसे सीधे अंतिम भुगतान प्राप्त करने वाले किसानों की संख्या या अंतिम खरीदी गई फसल की मात्रा नहीं माना जाना चाहिए।
2025-26 में रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना का पंजीयन कब हुआ था?
2025-26 के लिए किसानों का पंजीयन 10 अक्टूबर 2025 से 20 नवंबर 2025 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर कराया गया था। यह तारीख 2025-26 procurement cycle की है।
2026-27 में रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना का पंजीयन कब शुरू होगा?
4 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों में 2026-27 की नई पंजीयन तारीख की पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए किसान 2025-26 की पुरानी तारीख को 2026-27 की वर्तमान तारीख न समझें। जब 2026-27 के लिए नई registration window की आधिकारिक घोषणा होगी, तभी उसकी तारीख को वर्तमान पंजीयन तारीख माना जाना चाहिए।
सावधान: किसी दूसरे ब्लॉग या सोशल मीडिया पोस्ट पर दिखाई देने वाली तारीख को सरकारी पंजीयन तारीख न मानें। वर्तमान जानकारी के लिए आधिकारिक ई-उपार्जन पोर्टल और संबंधित विभाग की सूचना देखें।
2025-26 में कोदो-कुटकी की खरीदी कब हुई?
सरकारी आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार पंजीकृत किसानों से कोदो-कुटकी का उपार्जन 1 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक किया जाना था। उपार्जन रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत गठित श्रीअन्न कंसोर्टियम ऑफ प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड यानी श्रीअन्न फेडरेशन के सदस्य FPO/FPC के माध्यम से किया गया। बाद में procurement अवधि बढ़ाए जाने की जानकारी भी प्रकाशित हुई थी। इसलिए अलग-अलग पुराने समाचारों में अलग अंतिम तारीख दिखाई दे सकती है।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना में कितने जिले शामिल हैं?
2025-26 के उपार्जन चक्र के लिए सरकारी आर्थिक सर्वेक्षण में 16 जिलों का उल्लेख किया गया है। इन जिलों के नाम हैं:
जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, दमोह, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मैहर, सतना, मऊगंज, बालाघाट, सिवनी
नोट: यह 2025-26 के उपार्जन चक्र की 16-जिला सूची है। 2026-27 में जिले बदल सकते हैं। नई सरकारी सूची आने पर वर्तमान जानकारी को उसी के अनुसार अपडेट किया जाना चाहिए।
कोदो-कुटकी की खरीदी किसके माध्यम से हुई?
2025-26 में कोदो-कुटकी का उपार्जन श्रीअन्न फेडरेशन के सदस्य FPO/FPC के माध्यम से किया गया। FPO का पूरा नाम Farmer Producer Organisation है। FPO/FPC किसानों को संगठित करके निम्न गतिविधियों में सहायता कर सकते हैं:
- फसल उत्पादन
- उपार्जन
- सामूहिक बिक्री
- बाजार से जुड़ाव
- Processing
- Value Addition
₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि कैसे मिलती है?
2025-26 की व्यवस्था के अनुसार किसानों को निर्धारित उपार्जन मूल्य के अतिरिक्त ₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान था। यह राशि DBT के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था थी। फरवरी 2026 की मध्य प्रदेश विधानसभा कार्यवाही में भी 16 जिलों में FPO के माध्यम से कोदो-कुटकी उपार्जन और किसानों को ₹1,000 प्रति क्विंटल DBT प्रोत्साहन दिए जाने का उल्लेख है।
क्या 2026 में किसानों को बोनस राशि मिली?
2026 में प्रकाशित रिपोर्टों में रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत किसानों को बोनस राशि दिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग payment reports को 2026-27 की नई registration या नई procurement policy नहीं समझना चाहिए। Payment update और current registration notification दो अलग चीजें हैं।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना में कौन पात्र है?
योजना की पात्रता को लेकर इंटरनेट पर अलग-अलग वेबसाइटों पर अलग-अलग दावे मिलते हैं। लेकिन 4 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध authoritative सरकारी जानकारी में 2026-27 के लिए एक comprehensive universal eligibility checklist की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए बिना official notification के निम्न बातों को current mandatory eligibility के रूप में नहीं लिखना चाहिए:
- निश्चित आय सीमा
- निश्चित उम्र
- अनिवार्य जाति प्रमाणपत्र
- केवल किसी विशेष वर्ग के किसान
- अन्य fixed conditions
सही जानकारी यह है: योजना का संबंध श्रीअन्न, विशेषकर कोदो-कुटकी के उत्पादन और सरकारी उपार्जन व्यवस्था में शामिल किसानों से है। पात्रता, जिला, फसल, पंजीयन और उपार्जन की वर्तमान शर्तें संबंधित उपार्जन वर्ष की आधिकारिक सूचना के अनुसार लागू होती हैं।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
2026-27 के लिए उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों में ऐसी कोई एक universal document list नहीं मिली है जिसे वर्तमान अनिवार्य सूची कहा जा सके। इसलिए किसानों को वर्तमान पंजीयन notification में बताए गए documents और details के अनुसार ही तैयारी करनी चाहिए।
महत्वपूर्ण: बिना official verification के निम्न documents को "अनिवार्य" नहीं लिखना चाहिए: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, खसरा/खतौनी, फोटो, अन्य दस्तावेज। सटीक दस्तावेज संबंधित वर्ष की आधिकारिक पंजीयन सूचना के अनुसार बदल सकते हैं。
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना में आवेदन कैसे करें?
2025-26 में किसान पंजीयन MP e-Uparjan portal के माध्यम से किया गया था। नई registration window खुलने पर किसान को निम्न प्रक्रिया का पालन करना चाहिए:
- चरण 1: MP e-Uparjan Portal खोलें — केवल आधिकारिक सरकारी portal का उपयोग करें।
- चरण 2: वर्तमान पंजीयन सूचना देखें — सबसे पहले यह देखें कि संबंधित उपार्जन वर्ष में कोदो-कुटकी की खरीदी और registration शुरू हुआ है या नहीं।
- चरण 3: अपने जिले की जानकारी जांचें — देखें कि आपका जिला वर्तमान procurement cycle में शामिल है या नहीं।
- चरण 4: अपनी फसल की पुष्टि करें — देखें कि आपकी फसल current procurement notification में शामिल है या नहीं।
- चरण 5: किसान पंजीयन करें — सरकारी निर्देश के अनुसार registration पूरा करें और मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
- चरण 6: उपार्जन प्रक्रिया पूरी करें — पंजीयन के बाद निर्धारित procurement center/FPO/FPC और सरकारी निर्देशों के अनुसार फसल बेचें।
- चरण 7: भुगतान की स्थिति देखें — उपार्जन के बाद payment और incentive की जानकारी संबंधित सरकारी व्यवस्था के अनुसार प्राप्त करें।
MP e-Uparjan Portal: रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना के 2025-26 procurement registration में MP e-Uparjan portal का उपयोग किया गया था। आधिकारिक पोर्टल: https://mpeuparjan.nic.in/. नोट: नई registration window खुली है या नहीं, यह official portal पर वर्तमान सूचना देखकर ही तय करें。
क्या कोदो और कुटकी दोनों पर ₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन मिलता है?
2025-26 की सरकारी procurement व्यवस्था में कोदो-कुटकी के लिए ₹1,000 प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान दर्ज है। उसी procurement cycle में कोदो: ₹2,500 प्रति क्विंटल और कुटकी: ₹3,500 प्रति क्विंटल का निर्धारित उपार्जन मूल्य था।
क्या ₹1,000 प्रति क्विंटल बोनस और ₹3,900 प्रति हेक्टेयर सहायता एक ही है?
नहीं। दोनों आंकड़ों को अलग-अलग योजना वर्ष और context में समझना चाहिए। ₹1,000 प्रति क्विंटल 2025-26 के उपार्जन चक्र में अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि है। ₹3,900 प्रति हेक्टेयर 2024-25 से संबंधित अधिकतम अतिरिक्त सहायता का आंकड़ा है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि: "2026 में हर किसान को ₹3,900 प्रति हेक्टेयर और ₹1,000 प्रति क्विंटल दोनों निश्चित रूप से मिलेंगे।" ऐसा दावा वर्तमान सरकारी notification के बिना नहीं करना चाहिए।
क्या यह योजना केवल आदिवासी किसानों के लिए है?
ऐसा blanket statement नहीं करना चाहिए। योजना का उद्देश्य श्रीअन्न, विशेषकर कोदो-कुटकी के उत्पादन और उपार्जन को बढ़ावा देना है। 2025-26 में selected districts और registered farmers के आधार पर procurement व्यवस्था लागू की गई थी। यदि किसी नए procurement year में विशेष category या eligibility condition लागू होती है, तो उसकी पुष्टि संबंधित official notification से करनी चाहिए।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
योजना को केवल बोनस योजना समझना सही नहीं होगा। इसका व्यापक उद्देश्य श्रीअन्न की पूरी value chain को मजबूत करना है: खेती → पंजीयन → उपार्जन → भुगतान → प्रोत्साहन → प्रसंस्करण → पैकेजिंग → ब्रांडिंग → बाजार। इससे किसानों को केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रखकर श्रीअन्न के processing और market ecosystem से जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है।
श्रीअन्न क्या है?
श्रीअन्न शब्द का इस्तेमाल मिलेट्स यानी मोटे अनाजों के लिए किया जाता है। कोदो और कुटकी मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण मिलेट फसलों में शामिल हैं। श्रीअन्न को बढ़ावा देने के पीछे उत्पादन, पोषण, कृषि विविधीकरण और किसानों के लिए वैकल्पिक बाजार अवसर जैसे कई पहलू जुड़े हुए हैं। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार ने श्रीअन्न उत्पादन और उससे जुड़ी value chain को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाया है。
किसानों के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
इस योजना का महत्व केवल प्रोत्साहन राशि तक सीमित नहीं है। किसानों के लिए पूरी value chain महत्वपूर्ण है:
- 1. उत्पादन: कोदो-कुटकी जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा।
- 2. पंजीयन: सरकारी procurement system में किसानों का registration।
- 3. उपार्जन: निर्धारित व्यवस्था के अनुसार फसल की खरीद।
- 4. प्रोत्साहन: पात्र किसानों को अतिरिक्त incentive।
- 5. प्रसंस्करण: श्रीअन्न को processed products में बदलने की संभावना।
- 6. बाजार: स्थानीय और बड़े बाजारों से बेहतर जुड़ाव।
- 7. ब्रांडिंग: श्रीअन्न उत्पादों की पहचान और market value बढ़ाने की दिशा में प्रयास।
2026 में रानी दुर्गावती শ্রীअन्न योजना की स्थिति
4 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध सरकारी जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि योजना का implementation और श्रीअन्न को बढ़ावा देने की सरकारी नीति जारी रही है। फरवरी 2026 की मध्य प्रदेश विधानसभा कार्यवाही में 16 जिलों में कोदो-कुटकी का FPO के माध्यम से उपार्जन और किसानों को ₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन देने की जानकारी दर्ज है। हालांकि, 2026-27 के लिए नई registration date, नई incentive rate या नई district list को बिना नए official notification के confirm नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए इस जानकारी को अपडेट करते समय हर नई सूचना को उसके संबंधित वर्ष और official source के साथ देखना जरूरी है।
महत्वपूर्ण सूचना
सरकारी योजनाओं में समय के साथ प्रोत्साहन राशि, उपार्जन मूल्य, पंजीयन की तारीख, चयनित जिले, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया बदल सकती है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि पुरानी पंजीयन तारीख को वर्तमान तारीख न मानें। नए उपार्जन वर्ष की official notification जरूर देखें। किसी अनधिकृत website या social media post पर भरोसा करने से पहले जानकारी verify करें। ₹3,900 प्रति हेक्टेयर और ₹1,000 प्रति क्विंटल को अलग-अलग योजना वर्ष के context में समझें। 2026-27 का कोई भी नया दावा official source के बिना न मानें। यह लेख 4 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध सरकारी जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। नई सरकारी अधिसूचना जारी होने पर संबंधित जानकारी को अपडेट किया जाना चाहिए।
आधिकारिक स्रोत
- मध्य प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: इस सरकारी दस्तावेज में रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पंजीयन, किसानों की संख्या, पंजीकृत क्षेत्रफल, 16 जिले, कोदो-कुटकी के निर्धारित मूल्य और ₹1,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन संबंधी जानकारी दी गई है।
- मध्य प्रदेश विधानसभा: फरवरी 2026 की विधानसभा कार्यवाही में 16 जिलों में FPO के माध्यम से कोदो-कुटकी उपार्जन और ₹1,000 प्रति क्विंटल DBT प्रोत्साहन का उल्लेख किया गया है।
- मध्य प्रदेश बजट: मध्य प्रदेश के बजट दस्तावेज में राज्य मिलेट मिशन और रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के माध्यम से श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने का उल्लेख है।
- MP e-Uparjan: 2025-26 में किसान पंजीयन और कोदो-कुटकी उपार्जन से संबंधित प्रक्रिया ई-उपार्जन पोर्टल से जुड़ी थी। https://mpeuparjan.nic.in/
निष्कर्ष
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना मध्य प्रदेश में कोदो-कुटकी सहित श्रीअन्न की खेती, उपार्जन और पूरी वैल्यू चेन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 2025-26 के उपार्जन चक्र में किसानों के लिए ₹1,000 प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन, कोदो के लिए ₹2,500 और कुटकी के लिए ₹3,500 प्रति क्विंटल निर्धारित उपार्जन मूल्य का उल्लेख सरकारी जानकारी में मिलता है। हालांकि, 2026-27 की नई पंजीयन तारीख, नई प्रोत्साहन राशि, नई जिला सूची और नई पात्रता को आधिकारिक अधिसूचना के बिना निश्चित नहीं माना जाना चाहिए। किसानों को वर्तमान जानकारी के लिए MP e-Uparjan तथा संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए。
रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना के लाभ
योजना में क्या फ़ायदा है?
- अतिरिक्त आय: अगर किसान 100 किलो (1 क्विंटल) कोदो-कुटकी बेचता है, तो उसे MSP के अलावा ₹1000 का सीधा बोनस मिलता है।
- सीधा भुगतान (DBT): यह बोनस राशि किसी बिचौलिए के पास नहीं जाती, बल्कि फसल बिकने के बाद सीधे किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।
- मुफ़्त बीज: योजना के तहत किसानों को उन्नत किस्म के बीज भी अनुदान (Subsidy) पर या मुफ़्त दिए जाते हैं।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी और पंजीकृत किसान (Registered Farmer) होना चाहिए।
- किसान ने अपने खेत में श्रीअन्न (विशेषकर कोदो-कुटकी) की खेती की हो।
- राजस्व रिकॉर्ड (गिरदावरी) में फसल का दर्ज़ होना अनिवार्य है, तभी यह साबित होगा कि आपने श्रीअन्न उगाया है।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- जो किसान खुले बाज़ार (मंडी में व्यापारियों) को फसल बेचते हैं, उन्हें यह ₹10 प्रति किलो वाला सरकारी बोनस नहीं मिलता।
- जिन किसानों ने गिरदावरी (फसल का रजिस्ट्रेशन) में कोदो-कुटकी दर्ज नहीं कराया है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना की आवेदन प्रक्रिया
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रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना क्या है? ▾
यह मध्य प्रदेश सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य श्रीअन्न, विशेषकर कोदो-कुटकी के उत्पादन और उपार्जन को बढ़ावा देना तथा श्रीअन्न की value chain विकसित करना है।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना में कितना बोनस मिलता है? ▾
2025-26 के उपार्जन चक्र में ₹1,000 प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान था।
कोदो का खरीद मूल्य कितना था? ▾
2025-26 में कोदो का निर्धारित उपार्जन मूल्य ₹2,500 प्रति क्विंटल था।
कुटकी का खरीद मूल्य कितना था? ▾
2025-26 में कुटकी का निर्धारित उपार्जन मूल्य ₹3,500 प्रति क्विंटल था।
₹3,900 प्रति हेक्टेयर क्या है? ▾
₹3,900 प्रति हेक्टेयर अधिकतम अतिरिक्त सहायता से संबंधित जानकारी 2024-25 के संदर्भ में है। इसे 2026-27 का confirmed current benefit नहीं माना जाना चाहिए।
2025-26 में कितने किसानों ने पंजीयन कराया? ▾
22,886 किसानों ने पंजीयन कराया था। पंजीकृत क्षेत्रफल 20,616.86 हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत था।
2025-26 में कितने जिलों में उपार्जन हुआ? ▾
सरकारी आर्थिक सर्वेक्षण में 16 जिलों का उल्लेख है।
2025-26 में पंजीयन कब हुआ था? ▾
पंजीयन 10 अक्टूबर 2025 से 20 नवंबर 2025 तक कराया गया था।
2026-27 में पंजीयन कब शुरू होगा? ▾
4 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों में 2026-27 की नई verified registration date की पुष्टि नहीं मिली है।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना में आवेदन कहां होता है? ▾
2025-26 में किसान पंजीयन MP e-Uparjan portal के माध्यम से कराया गया था।
क्या ₹1,000 बोनस सीधे बैंक खाते में आता है? ▾
2025-26 की व्यवस्था में प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेजने का प्रावधान था।
योजना में कौन सी फसलें शामिल हैं? ▾
2025-26 की procurement व्यवस्था में मुख्य रूप से कोदो और कुटकी का उल्लेख है।
क्या योजना पूरे मध्य प्रदेश में लागू है? ▾
श्रीअन्न उत्पादन को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन 2025-26 के कोदो-कुटकी procurement के लिए 16 जिले चयनित बताए गए थे।
क्या यह योजना केवल आदिवासी किसानों के लिए है? ▾
ऐसा blanket statement उपलब्ध official information से नहीं किया जाना चाहिए। वर्तमान पात्रता संबंधित procurement year की official notification से देखनी चाहिए।
क्या 2026 में नई registration date आ गई है? ▾
4 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध authoritative sources में नई 2026-27 registration date की पुष्टि नहीं मिली है।
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https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/rani-durgavati-shri-anna-protsahan-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
- आधिकारिक स्रोत: mpkrishi.mp.gov.in
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मोटे अनाजों को बढ़ावा देने और आदिवासी क्षेत्रों के किसानों की आय बढ़ाने की पहल।
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- रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना — विभागीय स्रोत ↗
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
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मोटे अनाजों को बढ़ावा देने और आदिवासी क्षेत्रों के किसानों की आय बढ़ाने की पहल।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मिलेट्स) प्रोत्साहन योजना की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
