फल पौध रोपण योजना
Phal Paudh Ropan Yojana
फलदार बगीचों (आम, अमरूद, संतरा आदि) की स्थापना के लिए 3 वर्षों में 40% से 50% तक सरकारी अनुदान।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।

योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
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आवेदन से जुड़े गाइड
फल पौध रोपण योजना का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
फल पौध रोपण योजना (Phal Paudh Ropan Yojana) का उद्देश्य राज्य में फलदार फसलों के रकबे को बढ़ाना और किसानों को पारंपरिक खेती के बजाय बागवानी की ओर मोड़कर उनकी आय दोगुनी करना है।
इस योजना के तहत आम, अमरूद, नीम्बू, अनार, संतरा, पपीता, मुनगा (सहजन) आदि के बगीचे लगाने के लिए गुणवत्तापूर्ण पौधों और अन्य इनपुट्स (जैसे खाद) पर सरकार द्वारा अनुदान सहायता दी जाती है।
फल पौध रोपण योजना के लाभ
अनुदान (Subsidy) का विवरण
- योजना के तहत फलदार पौधे लगाने पर निर्धारित इकाई लागत (Unit Cost) का 40% से 50% तक अनुदान मिलता है।
- यह अनुदान राशि एक साथ नहीं दी जाती। पौधों के जीवित रहने के आधार पर इसे 60:20:20 के अनुपात में 3 वर्षों में (3 किस्तों में) सीधे किसान के बैंक खाते में डाला जाता है।
- पहले वर्ष 60% अनुदान मिलता है, दूसरे वर्ष 20% (यदि कम से कम 75% पौधे जीवित हों), और तीसरे वर्ष 20% (यदि कम से कम 90% पौधे जीवित हों)।
फल पौध रोपण योजना की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- आवेदक मध्य प्रदेश का निवासी और किसान होना चाहिए।
- योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास न्यूनतम 0.25 हेक्टेयर और अधिकतम 4.0 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए।
- बगीचे को पानी देने के लिए सिंचाई के पर्याप्त साधन (जैसे कुआँ, ट्यूबवेल, या ड्रिप सिंचाई प्रणाली) होना अनिवार्य है।
- योजना का लाभ सभी वर्ग (सामान्य, SC, ST, BPL, महिला किसान) ले सकते हैं।
फल पौध रोपण योजना के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- बिना सिंचाई सुविधा वाले किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकते क्योंकि फलदार पौधों के लिए सिंचाई आवश्यक है।
फल पौध रोपण योजना की आवेदन प्रक्रिया
ट्रेंडिंग योजनाएं
फल पौध रोपण योजना के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं अपने मन से कहीं से भी पौधे खरीद सकता हूँ? ▾
नहीं। अनुदान का लाभ पाने के लिए आपको उद्यानिकी विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त/पंजीकृत सरकारी या निजी नर्सरी से ही पौधे खरीदने होते हैं।
यदि मेरे पौधे सूख गए तो क्या मुझे दूसरी और तीसरी किस्त मिलेगी? ▾
नहीं। दूसरी किस्त के लिए 75% और तीसरी किस्त के लिए 90% पौधों का जीवित रहना अनिवार्य है। अगर पौधे सूख जाते हैं, तो आपको अपने खर्चे पर नए पौधे (Gap filling) लगाकर यह प्रतिशत बनाए रखना होगा, तभी अगली किस्त मिलेगी।
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https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/phal-paudh-ropan-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग
- आधिकारिक स्रोत: horticulture.mponline.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
MP उद्यानिकी विभाग पोर्टल (MPFSTS) से सत्यापित।
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- फल पौध रोपण योजना — विभागीय स्रोत ↗
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
MP उद्यानिकी विभाग पोर्टल (MPFSTS) से सत्यापित।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
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यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
