मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY)
Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana (MMSKY)
12वीं पास, ITI, और ग्रेजुएट युवाओं को विभिन्न कंपनियों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) के साथ-साथ ₹8,000 से ₹10,000 तक का मासिक स्टाइपेंड (Stipend) देने की योजना।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।
योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
संबंधित योजनाएं
आवेदन से जुड़े गाइड
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए "सीखो-कमाओ योजना" (MMSKY) लागू की है, ताकि युवाओं को सिर्फ डिग्री न मिले, बल्कि काम करने का असली अनुभव (Experience) भी मिले।
इसमें रजिस्टर्ड प्राइवेट कंपनियों (जैसे टाटा, महिंद्रा, या स्थानीय फैक्टरियां) में युवाओं को 1 साल के लिए ट्रेनिंग पर रखा जाता है। इस दौरान उन्हें काम भी सिखाया जाता है और सरकार व कंपनी मिलकर स्टाइपेंड भी देते हैं। ट्रेनिंग पूरी होने पर सर्टिफिकेट मिलता है, जिससे पक्की नौकरी मिलना आसान हो जाता है।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) के लाभ
मासिक स्टाइपेंड (Stipend) की राशि
- 12वीं पास (12th Pass) युवाओं को: ₹8,000 प्रति माह।
- ITI पास (ITI Pass) युवाओं को: ₹8,500 प्रति माह।
- डिप्लोमा होल्डर (Diploma) युवाओं को: ₹9,000 प्रति माह।
- स्नातक या उससे उच्च (Graduate/PG) युवाओं को: ₹10,000 प्रति माह।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होनी चाहिए (12वीं, ITI, डिप्लोमा, UG, PG सभी पात्र हैं)।
- आवेदक के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) सक्रिय होना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- जो लोग पहले से ही सरकारी नौकरी में हैं, वे अपात्र हैं।
- यदि आपने पढ़ाई बीच में छोड़ दी है (9वीं, 10वीं पास) तो आप पात्र नहीं हैं (न्यूनतम 12वीं पास या ITI ज़रूरी है)।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) की आवेदन प्रक्रिया
ट्रेंडिंग योजनाएं
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
क्या स्टाइपेंड का पूरा पैसा कंपनी देती है? ▾
नहीं। स्टाइपेंड का 75% पैसा मध्य प्रदेश सरकार डायरेक्ट DBT के ज़रिए आपके खाते में डालती है, और बाकी 25% पैसा कंपनी आपके खाते में जमा करती है।
ट्रेनिंग के बाद क्या पक्की नौकरी मिलेगी? ▾
यह एक ट्रेनिंग प्रोग्राम है। पक्की नौकरी की गारंटी नहीं है, लेकिन अगर आपका काम अच्छा रहता है, तो ज़्यादातर कंपनियाँ ट्रेनिंग के बाद आपको अपने यहाँ नौकरी पर रख लेती हैं।
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https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/mukhyamantri-kaushal-apprentice-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार विभाग
- आधिकारिक स्रोत: mmsky.mp.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
कौशल विकास विभाग MP की फ्लैगशिप योजना, जो युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कार्य अनुभव (On the job training) देती है।
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- मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) — विभागीय स्रोत ↗
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
कौशल विकास विभाग MP की फ्लैगशिप योजना, जो युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कार्य अनुभव (On the job training) देती है।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
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