मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि)
Macro Management of Agriculture (MMA)
राज्य की विशिष्ट स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार किसानों को कृषि विकास, भूमि सुधार और यंत्रीकरण में मदद करने वाली केंद्र प्रवर्तित योजना (Centrally Sponsored Scheme)।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।
योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
संबंधित योजनाएं
आवेदन से जुड़े गाइड
मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि) का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
मैक्रो मैनेजमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (MMA) भारत सरकार की एक व्यापक योजना है। पहले केंद्र सरकार हर चीज़ के लिए अलग-अलग योजनाएं (Scheme) बनाती थी।
सन् 2000-01 में सरकार ने 27 अलग-अलग योजनाओं (जैसे खाद, बीज, उद्यानिकी, कृषि यंत्र, वाटरशेड) को मिलाकर एक "मैक्रो मैनेजमेंट" योजना बना दी। इसका फायदा यह हुआ कि मध्य प्रदेश सरकार अपनी स्थानीय जरूरत के अनुसार बजट का उपयोग कर सकती है।
मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि) के लाभ
योजना के मुख्य घटक (Components)
- कृषि यंत्रीकरण: ट्रैक्टर, रोटावेटर आदि कृषि उपकरणों पर अनुदान।
- फसल विकास: अनाज और गन्ने की फसलों के लिए बीज और तकनीकी सहायता।
- जल संरक्षण: वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए वाटरशेड विकास कार्यक्रम (NWDPRA) और भूमि सुधार।
मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि) की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- राज्य का कोई भी किसान अपनी आवश्यकता अनुसार इस योजना के विभिन्न घटकों (Sub-schemes) का लाभ ले सकता है।
- योजना में लघु, सीमांत और महिला किसानों (Small, Marginal, and Women Farmers) को प्राथमिकता (लगभग 33% बजट) दी जाती है।
मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि) के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- वर्तमान में, इस योजना के अधिकांश घटकों को RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) या NFSM (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन) में मिला दिया गया है।
- इसलिए आप सीधे "मैक्रो मैनेजमेंट" के नाम से आवेदन नहीं कर सकते, बल्कि आपको उस विशिष्ट उपकरण या बीज के लिए आवेदन करना होगा।
मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि) की आवेदन प्रक्रिया
ट्रेंडिंग योजनाएं
मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि) के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह योजना अभी चालू है? ▾
हां, लेकिन इसका नाम और स्वरूप बदल गया है। अब इसकी सब-स्कीम (जैसे RKVY, कृषि यंत्रीकरण) के नाम से अनुदान दिया जाता है।
इस जानकारी को दूसरों तक पहुँचाएं (Share & Link)
अगर आपको यह जानकारी मददगार लगी, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें या अपनी वेबसाइट/ब्लॉग पर लिंक देकर दूसरों की मदद करें।
https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/macro-management-scheme-krishiस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
- आधिकारिक स्रोत: mpkrishi.mp.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
यह एक ऐतिहासिक योजना है जिसे बाद में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) आदि में समाहित (merge) कर दिया गया है।
जानकारी में गलती बताएं या सुधार भेजें
- मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि) — विभागीय स्रोत ↗
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
यह एक ऐतिहासिक योजना है जिसे बाद में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) आदि में समाहित (merge) कर दिया गया है।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम (कृषि) की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
