गौसेवक प्रशिक्षण योजना
Gausevak Prashikshan Yojana (Animal Husbandry Skill)
ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को 6 महीने की ट्रेनिंग देकर "गौसेवक" बनाने और उन्हें स्वरोज़गार (Self-Employment) से जोड़ने की योजना।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।
योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
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आवेदन से जुड़े गाइड
गौसेवक प्रशिक्षण योजना का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
गाँवों में अक्सर रात-बिरात पशुओं के बीमार होने पर डॉक्टर नहीं मिल पाते। इस समस्या को दूर करने और युवाओं को रोज़गार देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार "गौसेवक प्रशिक्षण योजना" चलाती है।
इस योजना में हर ग्राम पंचायत से एक या दो युवाओं को चुनकर उन्हें पशुओं का प्राथमिक इलाज (First Aid) करने और कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) करने की 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है।
गौसेवक प्रशिक्षण योजना के लाभ
ट्रेनिंग और रोज़गार के अवसर
- मुफ्त ट्रेनिंग (Free Training): चुने गए युवाओं को 6 महीने तक पशुपालन विभाग द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है (2 महीने थ्योरी, 4 महीने प्रैक्टिकल)।
- सर्टिफिकेट और किट: पास होने पर सरकार "गौसेवक" का प्रमाण पत्र और एक टूलकिट (थर्मामीटर, कैंची, ज़रूरी दवाइयां) देती है।
- कमाई का मौका: गौसेवक गाँव में रहकर पशुओं का इलाज कर सकते हैं और कृत्रिम गर्भाधान (AI) करने पर सरकार की तरफ से कमीशन (इंसेंटिव) भी कमा सकते हैं।
गौसेवक प्रशिक्षण योजना की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- आवेदक उसी ग्राम पंचायत का मूल निवासी होना चाहिए, जहाँ से वह आवेदन कर रहा है।
- आवेदक की उम्र 18 साल से कम और 35 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
- कम से कम 10वीं कक्षा पास होना ज़रूरी है (विज्ञान विषय वालों को प्राथमिकता दी जाती है)।
- ग्राम सभा (पंचायत) द्वारा उसका नाम प्रस्ताव (Resolution) के रूप में पास होना चाहिए।
गौसेवक प्रशिक्षण योजना के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- जिन लोगों पर कोई आपराधिक मुकदमा (Police Case) दर्ज़ है, वे गौसेवक नहीं बन सकते।
- शहरी क्षेत्र के युवा इस योजना में आवेदन नहीं कर सकते, यह केवल ग्रामीण क्षेत्र के लिए है।
गौसेवक प्रशिक्षण योजना की आवेदन प्रक्रिया
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गौसेवक प्रशिक्षण योजना के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गौसेवक बनने के बाद मुझे हर महीने सरकारी सैलरी मिलेगी? ▾
नहीं, यह परमानेंट सरकारी नौकरी नहीं है। यह एक स्वरोज़गार (Self-Employment) है। आप इलाज की फीस और सरकार की योजनाओं के कमीशन (Incentive) से पैसा कमाते हैं।
ट्रेनिंग के दौरान रहना-खाना कहाँ होगा? ▾
आमतौर पर सरकार के प्रशिक्षण केंद्रों में ही रहने-खाने की व्यवस्था होती है या इसके बदले स्टाइपेंड दिया जाता है।
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https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/gausevak-prashikshan-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: पशुपालन एवं डेयरी विभाग
- आधिकारिक स्रोत: animalhusbandry.mp.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
पशुपालन विभाग MP द्वारा ग्रामीण पशु सेवा नेटवर्क विस्तार एवं युवाओं को रोज़गार देने हेतु।
जानकारी में गलती बताएं या सुधार भेजें
- गौसेवक प्रशिक्षण योजना — विभागीय स्रोत ↗
पशुपालन एवं डेयरी विभाग · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
पशुपालन विभाग MP द्वारा ग्रामीण पशु सेवा नेटवर्क विस्तार एवं युवाओं को रोज़गार देने हेतु।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
गौसेवक प्रशिक्षण योजना की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
