मध्य प्रदेश दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना
विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
दिव्यांगजनों के पुनर्वास, सामाजिक स्वीकृति और गरिमापूर्ण दांपत्य जीवन को बढ़ावा देने के लिए दिया जाने वाला बड़ा आर्थिक संबल।
लाभ
- दिव्यांग व्यक्ति से विवाह करने वाले सामान्य युवक अथवा युवती को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि
पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
सत्यापन आवश्यक: आधिकारिक स्रोत से पूरी पात्रता सूची की समीक्षा अभी बाकी है।
अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
सत्यापन आवश्यक: आधिकारिक दिशानिर्देश में दी गई अपात्रता और अपवाद की शर्तें अभी दर्ज नहीं हैं।
आवेदन प्रक्रिया
सत्यापन आवश्यक: वर्तमान आधिकारिक आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है।
आवश्यक दस्तावेज़
वर्तमान सरकारी प्रपत्र से मिलाएँ कि आपके मामले में कौन-सा दस्तावेज़ लागू है। किसी खास श्रेणी के लिए माँगा गया प्रमाण हर आवेदक के लिए जरूरी नहीं होता।
- 🪪 पति और पत्नी दोनों का आधार कार्ड
- 📋 समग्र ID
- 🦽 जीवनसाथी का 40% या अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र (UDID)
- 💍 विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र
- 🏦 संयुक्त बैंक खाता विवरण
अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
इस योजना के लिए स्रोत-समर्थित सवाल-जवाब की समीक्षा अभी बाकी है।
स्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश
- आधिकारिक स्रोत: socialjustice.mp.gov.in
इस लेख का अंतिम स्वतंत्र सत्यापन: सत्यापन आवश्यक
सामाजिक न्याय विभाग MP द्वारा दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन।
- मध्य प्रदेश दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना — विभागीय स्रोत ↗
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
सामाजिक न्याय विभाग MP द्वारा दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन।
सरकारी योजना सेतु एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
प्रतिपुष्टि
मध्य प्रदेश दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
