पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी)
Padho Aur Padhao Yojana (Literacy Volunteer)
गांव या शहर के उन लोगों को जो पढ़ना-लिखना नहीं जानते (निरक्षर), उन्हें मुफ्त में अक्षर ज्ञान सिखाने और स्वयंसेवकों को इसके लिए प्रोत्साहित करने की योजना।
विस्तृत योजना गाइड उपलब्ध है। आवेदन से पहले वर्तमान लाभ, पात्रता और अंतिम तारीख विभाग की वेबसाइट पर जाँचें।

योजना एक नज़र में
इस योजना से जुड़े रास्ते
संबंधित योजनाएं
आवेदन से जुड़े गाइड
पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी) का विवरण
योजना का क्षेत्र: मध्य प्रदेश
आज के समय में भी कई बड़े-बुज़ुर्ग (15 साल से ज़्यादा उम्र के लोग) ऐसे हैं, जिन्हें अक्षर ज्ञान नहीं है (यानी वे अपना नाम भी नहीं लिख सकते)। ऐसे लोगों को "अंगूठा छाप" से "साक्षर" बनाने के लिए सरकार ने "नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (पढ़ो और पढ़ाओ)" शुरू किया है।
इस योजना में कोई भी पढ़ा-लिखा व्यक्ति (जैसे कॉलेज का छात्र, शिक्षक, या समाजसेवी) स्वेच्छा से "अक्षर साथी" बन सकता है और अपने आस-पास के निरक्षर लोगों को पढ़ना-लिखना, मोबाइल चलाना और बैंक के काम (संख्यात्मक ज्ञान) सिखा सकता है।
पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी) के लाभ
इसमें जुड़ने से क्या लाभ होगा?
- समाज सेवा: आप अपने गांव या मोहल्ले के बड़े-बुज़ुर्गों को साक्षर बनाकर समाज की बड़ी मदद करते हैं।
- सरकारी प्रमाण-पत्र: एक व्यक्ति को साक्षर बनाने और परीक्षा पास करवाने पर आपको सरकार की तरफ से "अक्षर साथी" का आधिकारिक Certificate दिया जाता है (जो आपके रेज़्यूमे/CV में काम आता है)।
- टीचिंग मटेरियल (TLM): पढ़ाने के लिए किताबें, स्लेट, पेंसिल (टीएलएम किट) सरकार द्वारा मुफ्त दी जाती है।
पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी) की पात्रता
इन शर्तों को साथ पढ़ें। केवल एक शर्त पूरी होने से आवेदन मंजूर होना तय नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
- पढ़ाने वाला (स्वयंसेवक): कोई भी पढ़ा-लिखा व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 साल या उससे अधिक हो और कम से कम 10वीं पास हो। (छात्र, NCC/NSS कैडेट, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता आदि)।
- पढ़ने वाला (शिक्षार्थी): कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसकी उम्र 15 साल से ज़्यादा हो और जिसे पढ़ना-लिखना न आता हो (जो कभी स्कूल न गया हो)।
पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी) के अपवाद
कौन पात्र नहीं है और किन बातों की जाँच चाहिए?
- यह कोई नौकरी (Job) नहीं है, इसमें पढ़ाने वाले को कोई मासिक सैलरी (Salary) या वेतन नहीं मिलता। यह एक स्वयंसेवी (Voluntary) काम है।
- 15 साल से कम उम्र के बच्चों को इस योजना में शिक्षार्थी के रूप में नहीं जोड़ा जा सकता (उन्हें स्कूल भेजना ज़रूरी है)।
पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी) की आवेदन प्रक्रिया
ट्रेंडिंग योजनाएं
पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी) के अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अक्षर साथी बनने के लिए कोई पैसे मिलते हैं? ▾
नहीं। यह पूर्णतः स्वैच्छिक (Voluntary) सेवा है। इसमें आपको सरकार से सैलरी नहीं, बल्कि सम्मान और प्रमाण-पत्र मिलता है।
शिक्षार्थी (पढ़ने वाले) को परीक्षा पास करने पर क्या मिलता है? ▾
परीक्षा पास करने पर उन्हें साक्षरता का प्रमाण पत्र (Literacy Certificate) दिया जाता है, जिससे वे आधिकारिक रूप से "साक्षर" माने जाते हैं।
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https://www.sarkariyojanasetu.com/yojna/padho-aur-padhao-yojanaस्रोत और संदर्भ
- नोडल विभाग: स्कूल शिक्षा विभाग (राज्य शिक्षा केंद्र)
- आधिकारिक स्रोत: educationportal.mp.gov.in
अंतिम स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा: सत्यापन आवश्यक
इस योजना की पूरी जानकारी का वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देश से स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। सत्यापन पूरा होने तक इस पेज को मसौदा मानें।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर बनाने का अभियान।
जानकारी में गलती बताएं या सुधार भेजें
- पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी) — विभागीय स्रोत ↗
स्कूल शिक्षा विभाग (राज्य शिक्षा केंद्र) · संबंधित भाग: उपलब्ध योजना रिकॉर्ड
इस संपादन में स्रोत की नई स्वतंत्र जाँच बाकी है।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर बनाने का अभियान।
Sarkari Yojana एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है।
दस्तावेज़ और आवेदन की तैयारी
ये सामान्य जानकारी के गाइड हैं। आवश्यक दस्तावेज़ योजना के वर्तमान आधिकारिक नियमों से मिलाएँ।
प्रतिपुष्टि
पढ़ो और पढ़ाओ योजना (अक्षर साथी) की जानकारी में कोई गलती दिखी? नीचे विषय चुनें और बताएँ कि किस बात में सुधार चाहिए। नया सरकारी आदेश या स्रोत मिला हो तो उसका लिंक भी लिख सकते हैं।
यह फॉर्म इस वेबसाइट की जानकारी में सुधार के लिए है। इससे सरकारी आवेदन या विभागीय शिकायत दर्ज नहीं होती। आधार नंबर, बैंक विवरण या OTP न लिखें।
